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एन्जाइम इंजीनियरिंग भी विज्ञान की तेजी से विकसित होने वाली शाखा

एन्जाइम में विशिष्ट रासायनिक उत्प्रेरक क्षमता होती है , जिसके कारण उद्योगों में इनका उपयोग निरन्तर बढ़ता जा रहा है इनके असंख्य उपयोगों के कारण ही विज्ञान ने एक नई शाखा को जन्म दिया है

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जीन इंजीनियरिंग की तरह ही एन्जाइम इंजीनियरिंग भी विज्ञान की तेजी से विकसित होने वाली शाखा है . पाचक एन्जाइम का नाम हमने सुना है . जल में भोजन के पोषक पदार्थों का जल अपघटन धीमी दर से स्वयं ही हो सकता है , लेकिन आहारनाल कार्बनिक उत्प्रेरकों द्वारा इसकी दर बढ़ाई जाती है इन उत्प्रेरकों को पाचन एन्जाइम कहते हैं . ये अग्न्याशय द्वारा सावित तथा आहारनाल की दीवार में उपस्थित पाचन ग्रंथियों द्वारा सावित पाचक रसों में होते हैं

एन्जाइम में विशिष्ट रासायनिक उत्प्रेरक क्षमता होती है , जिसके कारण उद्योगों में इनका उपयोग निरन्तर बढ़ता जा रहा है इनके असंख्य उपयोगों के कारण ही विज्ञान ने एक नई शाखा को जन्म दिया है जिसे एन्जाइम इंजीनियरी या एन्जाइम टेक्नोलॉजी का नाम दिया गया है . विशिष्ट रोगों का उपचार वैश्लेषिक प्रणालियाँ , औद्योगिक खाद्य पदार्थों का परिशोधन आदि विभिन्न क्षेत्रों में एन्जाइम के व्यापक उपयोग हो रहे हैं . एन्जाइम कार्बनिक उत्प्रेरक , जो जीवों में शरीर क्रिया सम्बन्धी महत्वपूर्ण क्रियाओं को उत्प्रेरित करते हैं , लेकिन ये रासायनिक उत्प्रेरक से भिन्न होते हैं सामान्य ताप और दाब पर उदासीन जलीय घोल में भी , जब परिस्थितियाँ तीव्र रासायनिक क्रियाओं के बहुत अनुकूल नहीं होती , एन्जाइम अपना काम करते हैं , रासायनिक दृष्टि से एन्जाइम प्रोटीन होते हैं , फलतः इनकी संरचना भी जटिल होती है , ये पेड़ पौधे , जन्तुओं और सूक्ष्म जीवों की कोशिकाओं में प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होते हैं , एन्जाइमों की संख्या बहुत बड़ी है तथा ये असंख्य जैव रासायनिक क्रियाओं को प्रभावित करते हैं ,

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